5 Chaityavandan In Hindi Full Updated: Palitana
सेवकना संकट हरो, सारो वांछित काज। 2 ॥ भावार्थ:
प्रत्येक चैत्यवंदन करते समय इस क्रम का पालन करना चाहिए:
पञ्चम चैत्य — मंगल वंदना पंचम चैत्य को नमन, मंगलमय चित्त का संचार। सबका कल्याण करे जो प्रार्थना, बने मानव का उद्धार॥ ॐ नमो कल्याणविधाये palitana 5 chaityavandan in hindi full
प्रत्येक चैत्यवंदन के पाठ के बाद नवकार मंत्र का गिनकर काउसग्ग (ध्यान) अवश्य करें। निष्कर्ष
रायण वृक्ष के नीचे प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु के प्राचीन चरण (पगला) स्थित हैं। महत्व: Can’t copy the link right now
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नीचे Palitana के 5 चैत्यावंदन (पांच चैत्यों को नमन/वंदन) पर हिंदी में पूरा पाठ दिया गया है — यह श्रद्धा एवं भक्ति से पाँच प्रमुख मंदिर/चैत्यों का वर्णन-समर्पण करने वाला संक्षिप्त, पाठ्यात्मक वंदन-रचना है। (यदि आप चाहते हैं, तो इसे मंत्र/भजन की शैली में पारंपरिक रूप से गाया जा सकता है।) रायण वृक्ष विशेष
सिद्धगिरीनो ए महिमा, रायण वृक्ष विशेष;पाप तणां पुंज प्रजले, न रहे दुःखनो लेश।भाव धरीने जे वंदे, मनमां धरी आनंद;ते नर पामे शाश्वत, सुख संपत्तिनो कंद। यत्रा विधि (Quick Reference)
चैत्यवंदन की विधि और नियम
और अंत में, लगभग 3500 सीढ़ियाँ चढ़ने के बाद, यात्री पहुँचता है पर। यहाँ मुख्य आदिनाथ भगवान का टोंक है।